भारत में अपराधियों की अब खैर नहीं है, चाहे वे देश में हों या विदेश में। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अत्याधुनिक पोर्टल, भारतपोल (Bharatpol) लॉन्च किया है, जो भारत की पुलिस और जांच एजेंसियों को इंटरपोल की तर्ज पर एक दूसरे से जोड़ता है। यह कदम अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए उठाया गया है।
7 जनवरी, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतपोल का उद्घाटन किया, जो अब से काम करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस, एनआईए, ईडी, और अन्य जांच एजेंसियां एक साथ जुड़कर अपराधियों की जानकारी साझा कर सकेंगी।
इंटरपोल क्या है और भारतपोल की आवश्यकता क्यों पड़ी?
इंटरपोल एक अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है, जो 195 देशों की जांच एजेंसियों को एक साथ जोड़ता है और अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करता है। अब तक, भारत की पुलिस को इंटरपोल से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से संपर्क करना पड़ता था। लेकिन भारतपोल के माध्यम से यह प्रक्रिया सरल और तेज हो जाएगी।
भारतपोल के लाभ:
- सीधी जानकारी: राज्य पुलिस अब सीधे भारतपोल के माध्यम से इंटरपोल से जानकारी प्राप्त कर सकती है।
- सिस्टम ट्रैकिंग: पुलिस अधिकारी अब अपने अनुरोध की स्थिति को सीधे ट्रैक कर सकेंगे।
- नोटिस प्रक्रिया: जबकि नोटिस इंटरपोल ही जारी करेगा, पुलिस को कोई जानकारी चाहिए तो भारतपोल पोर्टल के माध्यम से इंटरपोल से सीधा संपर्क किया जा सकेगा।
भारत ने इंटरपोल के माध्यम से कई भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने में सफलता पाई है। 2024 में ही 26 अपराधियों का प्रत्यर्पण हुआ है।