पटना में इस बार वैलेंटाइन डे से पहले ही माहौल गर्म हो गया है। शहर की सड़कों पर ‘हिंदू शिव भवानी सेना’ द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने सनसनी फैला दी है। इन पोस्टरों में लिखा गया है, “जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना”, यानी अगर वैलेंटाइन डे के दिन प्रेमी जोड़े सार्वजनिक स्थानों पर दिखे, तो संगठन के कार्यकर्ता सख्त कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही पोस्टर में अपील की गई है कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है और इस दिन को पुलवामा हमले के शहीदों को समर्पित किया जाना चाहिए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लव कुमार सिंह उर्फ रुद्र ने इन पोस्टरों को लगवाने की जिम्मेदारी ली है और दावा किया है कि अगर कोई “अश्लीलता और नंगापन” फैलाने की कोशिश करेगा, तो कार्यकर्ता लाठी से समझाने का काम करेंगे।
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी और उससे जुड़े संगठन समाज में नफरत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और प्रेम के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वहीं, सीएम नीतीश कुमार का हालिया बयान भी चर्चा में है। संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि “पहले की सरकारों में शाम को सड़कें वीरान हो जाती थीं, लेकिन आज लड़का-लड़की रात 10-11 बजे भी सुरक्षित घूम सकते हैं।” अब इस बयान को लेकर सियासी संग्राम और तेज हो गया है।
वैलेंटाइन डे को लेकर हर साल देशभर में विरोध और समर्थन देखने को मिलता है, लेकिन पटना में इस बार पोस्टर वॉर के चलते माहौल और गरमा गया है। हिंदू संगठनों के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा का प्रयास बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं।







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