प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। यह घोषणा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 16 जनवरी को की। वेतन आयोग की घोषणा दिवाली से ठीक पहले महंगाई भत्ते में हुई बढ़ोतरी के बाद हुई, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाकर 53 प्रतिशत कर दिया गया। अब यह उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में महंगाई भत्ता फिर से बढ़ेगा। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जिसे 1 जनवरी 2016 को लागू किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि उनके प्रयास देश को विकसित भारत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “सरकारी कर्मचारियों के प्रयासों पर हमें गर्व है। 8वें वेतन आयोग के निर्णय से उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और खपत को भी बढ़ावा मिलेगा।” 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 से लागू होंगी। ईटी वेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों को औसतन 25-30 प्रतिशत वेतन वृद्धि की उम्मीद हो सकती है। 6वें वेतन आयोग में जहां फिटमेंट फैक्टर 1.86 के साथ 40 प्रतिशत वेतन वृद्धि हुई थी, वहीं 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिससे करीब 23-25 प्रतिशत की सैलरी वृद्धि हुई थी।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाने की संभावना है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में 186 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी 40,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है, तो आपकी नई बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, शुरुआत में महंगाई भत्ता शामिल नहीं होगा क्योंकि आमतौर पर वेतन आयोग इसकी सिफारिश अलग से करता है। वेतन आयोग की सिफारिशों से अन्य भत्तों में भी बदलाव संभव है। यह सुधार न केवल सरकारी कर्मचारियों के जीवनस्तर को उन्नत करेगा, बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।