पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले 6 साल के मोहब्बत ने भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए 55 दिनों तक पैदल यात्रा की। यह दूरी लगभग 1 हजार किलोमीटर की थी। मोहब्बत का यह प्रयास न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि नशा विरोधी संदेश भी देता है। अयोध्या में उनके पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया, और उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस बालक से मिलेंगे।
भक्तिभाव और संकल्प की जब बात होती है, तो बड़े-बड़े संतों की कहानियां सामने आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि एक 6 साल का बच्चा अपने दृढ़ निश्चय और भक्ति से इतिहास रच दे? पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले मोहब्बत ने ऐसा ही कर दिखाया है। भगवान श्रीराम के दर्शन करने के लिए उन्होंने 55 दिनों तक लगातार पैदल यात्रा की। क्या है इस नन्हे भक्त की प्रेरणादायक कहानी? आइए जानते हैं।
फाजिल्का जिले के 6 साल के मोहब्बत, जिनकी मासूमियत में छिपी है दृढ़ता और श्रद्धा की अद्भुत मिसाल। मोहब्बत ने यह ठान लिया था कि वह पैदल ही अयोध्या जाएंगे और भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे। पैदल चलने का यह सफर कोई छोटा-मोटा नहीं था—लगभग 1 हजार किलोमीटर की दूरी। मोहब्बत ने यह कठिन यात्रा 55 दिनों में पूरी की। उनका हौसला देखकर हर कोई हैरान रह गया। मौका मिलने पर वह दौड़ भी लगाते थे ताकि जल्दी से जल्दी अपने आराध्य के चरणों में पहुंच सकें।
क्या आपको पता है, मोहब्बत को इस यात्रा का विचार कैसे आया? एक रात उन्होंने सपना देखा। सपने में किसी अजनबी ने उन्हें नशा के खिलाफ संदेश देने को कहा। बस फिर क्या था, मोहब्बत ने न केवल अयोध्या तक पैदल चलने की ठानी, बल्कि हर पड़ाव पर लोगों को नशा से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। उनके इस संकल्प में उनकी मां और परिवार का भी भरपूर सहयोग रहा।
जब मोहब्बत अयोध्या पहुंचे, तो वहां का नजारा देखने लायक था। स्थानीय लोगों ने इस नन्हे भक्त का भव्य स्वागत किया। उनकी आंखों में श्रद्धा और चेहरे पर थकान के साथ संतोष की झलक थी। उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। यह पल उनके जीवन का सबसे खास था। अब हर कोई यह उम्मीद कर रहा है कि आने वाले 11 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिक उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोहब्बत से मिलेंगे और उनके इस साहसिक प्रयास को सम्मानित करेंगे।







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