सेमरा में भी विरोध तेज़, स्कूल बच्चे और महिलाएं मैदान में!
भोपाल के अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। ऋषिपुरम तिराहे से उठी यह चिंगारी अब सेमरा साईंराम कॉलोनी तक फैल चुकी है। बुधवार सुबह 11 बजे से स्थानीय लोगों ने सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया, ताकि प्रशासन जागे और शराब दुकान को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए।
रहवासियों का कहना है कि जहां शराब दुकान स्थापित की गई है, वहां स्कूल, धार्मिक स्थल और घनी आबादी मौजूद है। ऐसे में प्रतिदिन इलाके के लोग परेशान हो रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक सिर्फ आश्वासन ही दे रहा है।
स्कूल के बच्चे भी उतरे सड़कों पर, हाथों में तख्तियां लेकर किया विरोध प्रदर्शन!
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब स्कूली बच्चों और महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। बच्चों की मासूमियत और महिलाओं की दृढ़ता ने विरोध को और भी प्रभावशाली बना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इलाके में रैली निकालकर प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर दुकान शिफ्ट नहीं हुई, तो विरोध और तेज़ किया जाएगा।
जीतू मलोठिया, जो इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि शराब दुकान के दस्तावेज़ तो चांदबड़ के नाम से हैं, लेकिन दुकान साईंराम कॉलोनी में चल रही है। इससे विजय नगर, बाबू कॉलोनी, लक्ष्मीपुरी और सेमरा के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।
तीन बार शिकायत, फिर भी कोई हल नहीं!
सेमरा साईंराम कॉलोनी के लोगों ने अब तक तीन बार जनसुनवाई में दुकान शिफ्ट करने की मांग रखी, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला। हाल ही में कई महिलाओं ने अफसरों से मिलकर मांग रखी थी कि दुकान जल्द हटाई जाए, नहीं तो आंदोलन और उग्र होगा।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराबी इलाके में गंदगी फैला रहे हैं, अभद्र व्यवहार कर रहे हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे गुस्साए नागरिकों ने अब सुंदरकांड पाठ और धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।
कल तक चलेगा सुंदरकांड, फिर होगा उग्र प्रदर्शन!
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर गुरुवार तक दुकान नहीं हटाई गई, तो उग्र आंदोलन होगा। अवधपुरी के ऋषिपुरम तिराहे पर पहले से ही विरोध प्रदर्शन जारी है। वहां रहवासी 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ कर चुके हैं और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात भी कर चुके हैं।
विरोध का आलम यह है कि लोग टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं और यह संकल्प लिया है कि जब तक दुकान नहीं हटेगी, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
भोपाल के अन्य इलाकों में भी विरोध की लपटें तेज़!
मालवीय नगर: वार्ड नंबर-34 में खुल रही नई शराब दुकान का विरोध हो रहा है। यहां विधायक रेस्ट हाउस और बिड़ला मंदिर के पास दुकान खोलने की योजना थी, लेकिन रहवासियों के विरोध के बाद दुकान पुरानी जगह पर ही रखने की संभावना है।
बावड़िया कलां चौक: यहां भी शराब दुकान के खिलाफ लोग सड़क पर उतर चुके हैं। रहवासियों का कहना है कि जहां दुकान खुल रही है, वहां से मात्र 50 मीटर की दूरी पर अस्पताल और मंदिर हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
पंचशील नगर: यहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान के कारण शराबी हुड़दंग मचाते हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। इसी कारण यहां भी विरोध तेज़ हो रहा है।
बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर): युवा सिंधी मंच के अध्यक्ष जयराम नंदवानी ने समाजजनों के साथ कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर शराब दुकान हटाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि संत हिरदाराम नगर को शराब मुक्त किया जाए।
क्या प्रशासन जागेगा या विरोध और उग्र होगा?
भोपाल में शराब दुकानों के खिलाफ जनता का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन जनता की आवाज़ सुनेगा या फिर यह विरोध और भी उग्र रूप ले लेगा?
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन इस मांग पर ध्यान देता है, या फिर भोपाल की सड़कों पर विरोध और भी ज़ोर पकड़ता है!