उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास भारी बर्फबारी के बाद एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां अचानक ग्लेशियर टूटने से बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाईजेशन (बीआरओ) के 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है, जिसमें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बीआरओ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक 10 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी को बचाने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। हालांकि, दबे हुए मजदूरों की संख्या को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
चमोली से लेकर उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग तक उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों से भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश जारी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे और भी भूस्खलन और हिमस्खलन की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में भी बारिश और भूस्खलन के कारण कई गाड़ियां बह गईं और मलबे में दब गई हैं। उत्तराखंड के माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बीआरओ के मजदूर उस समय सड़क निर्माण कार्य में लगे हुए थे, जब अचानक ग्लेशियर उनके ऊपर आ गिरा। प्रशासन द्वारा बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है और सभी एजेंसियां मिलकर राहत कार्य में जुटी हुई हैं। घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती को उजागर किया है।







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