दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि खान एक भगोड़े आरोपी को हिरासत से भगाने में शामिल थे, वहीं अमानतुल्लाह खान का दावा है कि उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। खान ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को पत्र लिखकर सफाई दी है कि वह फरार नहीं हैं, बल्कि अपने विधानसभा क्षेत्र में ही मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है और इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अमानतुल्लाह खान के अनुसार, 12 फरवरी को उन्हें अपने क्षेत्र में अस्थायी पंपों की खराबी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि कुछ लोग सादे कपड़ों में एक व्यक्ति को परेशान कर रहे हैं। जब उन्होंने हस्तक्षेप किया तो पता चला कि ये लोग दिल्ली पुलिस के थे और एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे जिसे 2018 में अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। खान ने कहा कि उन्होंने इस व्यक्ति से कोई संबंध नहीं था, लेकिन स्थानीय लोगों ने बताया कि उसे धमकाया जा रहा था। इसके बाद जब उस व्यक्ति ने कोर्ट का आदेश दिखाया, तो कथित पुलिसकर्मी वहां से चले गए।
इस मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि अमानतुल्लाह खान फरार हैं और उनके खिलाफ मकोका लगाने की तैयारी चल रही है। पुलिस के अनुसार, खान ने हत्या के प्रयास के एक आरोपी को पुलिस हिरासत से भगाने में मदद की है। वहीं, खान का कहना है कि पुलिस उन्हें गलत तरीके से निशाना बना रही है और उन्होंने इस बारे में पुलिस कमिश्नर को पत्र भी लिखा है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि उन्हें ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
इस विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने ओखला विधायक के खिलाफ जामिया नगर में पुलिस टीम पर हमले को लेकर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, जब क्राइम ब्रांच की टीम हत्या के प्रयास के आरोपी शाहबाज खान को गिरफ्तार करने गई, तो उन पर हमला किया गया। अब सवाल उठता है कि क्या यह मामला सिर्फ एक राजनीतिक संघर्ष है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में और भी नए खुलासे हो सकते हैं।







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