उत्तराखंड ने समानता की दिशा में नया कदम बढ़ाया है..बतादें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की अधिसूचना जारी कर इसे पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है…मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून संविधान सभा के उन सभी सदस्यों को भावांजलि है जिन्होंने देश के संविधान का निर्माण किया.. इस कानून से उत्तराखंड के हर नागरिक के अधिकार समान हो गए हैं.. विशेषकर महिलाओं के लिए ये बड़ा बदलाव लेकर आया है.. हलाला, इद्दत, बहुविवाह और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं पर अब पूरी तरह से रोक लग गई है..
सीएम ने साफ किया कि यह कानून किसी भी धर्म, पंथ या प्रथा के खिलाफ नहीं है.. यह केवल समानता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है, जो समाज को एकजुट करेगा और कुप्रथाओं को खत्म करेगा…आपको बतादें, यूसीसी लागू करना बीजेपी सरकार का 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान किया गया एक बड़ा वादा था.. मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया, जिसने डेढ़ साल की कड़ी मेहनत और व्यापक बातचीत के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी…वहीं सात फरवरी 2024 को यह विधेयक राज्य विधानसभा में पारित किया गया, और 12 मार्च को राष्ट्रपति ने इसे अपनी मंजूरी दी। अब, राज्य मंत्रिमंडल द्वारा नियमावली को मंजूरी दिए जाने के बाद, यह कानून औपचारिक रूप से लागू हो चुका है..तो, उत्तराखंड ने समानता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है..ये देखना होगा कि भविष्य में यह कानून देश के बाकी हिस्सों में क्या प्रभाव डालता है…
हलाला-तीन तलाक खत्म, उत्तराखंड में यूसीसी लागू!
- Advertisement -
For You
आपका विचार ?
Live
How is my site?
This poll is for your feedback that matter to us
Latest news
Live Scores







Total Users : 12937
Total views : 32844