चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। एक ही चरण में मतदान होगा, जो 5 फरवरी को निर्धारित है, और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव के जरिए दिल्ली को नया मुख्यमंत्री मिलेगा क्योंकि 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) लगातार तीसरी जीत की कोशिश में है, जबकि भाजपा और कांग्रेस के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की है। 5 फरवरी को मतदान होगा, और 8 फरवरी को दिल्ली को उसका अगला मुख्यमंत्री मिलेगा। तो चलिए, जानते हैं इस महत्वपूर्ण चुनाव से जुड़ी सारी अहम बातें।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि इस बार भी चुनाव एक ही चरण में संपन्न होगा। मतदान की तारीख 5 फरवरी तय की गई है, जबकि वोटों की गिनती और परिणाम घोषित होने की तिथि 8 फरवरी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है।
इससे पहले 2020 के चुनाव में, आम आदमी पार्टी ने 62 सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस तब पूरी तरह से चुनावी मैदान से बाहर रही थी। अब, जबकि दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर गए हैं। खास बात यह है कि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी हैट्रिक की उम्मीद कर रही है, जिसने 2015 में 67 सीटों और 2020 में 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। दूसरी ओर, भाजपा इस बार अपना प्रदर्शन सुधारने और दो अंकों के पार जाने की कोशिश में है।
दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 84 लाख 49 हजार 645 है, जबकि महिला मतदाता 71 लाख 73 हजार 952 हैं। ऐसे में हर वोट की अहमियत बढ़ जाती है।
चुनावी माहौल अब पूरी तरह गरम हो चुका है। जहां एक तरफ रैलियों और जनसभाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ आरोप-प्रत्यारोप और छींटाकशी का सिलसिला भी तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा और संजय सिंह ने हाल ही में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत की थी, जिसे जिला निर्वाचन अधिकारी ने बेबुनियाद बताया। यह विवाद अभी भी गर्माया हुआ है।