इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल में भारत की पहली AI रोबोटिक कार्डियक सर्जरी हुई है, यह ऑपरेशन मरीज की हड्डी को बिना काटे की गई है, जबकि कोई निशान भी नहीं छूटा है. देश में हार्ट मरीजों के रोगों के इलाज के लिए देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस तरह की सर्जरी पूरी तरह से सुरक्षित और सटीक मानी जाती है. दरअसल, इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल में मॉडर्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को लेकर एक वर्कशॉप ‘सैम्स’ स्थित ‘इर्काड-इंडिया सेंटर’ में आयोजित की जा रही है. यह वर्कशाप 26 जनवरी तक चलने वाली है, जिसमें मध्य प्रदेश के मेडिकल छात्र और सर्जनों के साथ-साथ मेडिकल फैकल्टी के लोग भी हिस्सा ले रहे हैं. सैम्स का कहना है कि इस तकनीक से मेडिकल लाइन में इलाज के लिए बड़ा बदलाव देखा जाएगा, क्योंकि आने वाले समय में हार्ट की सभी सर्जरी रोबोटिक सिस्टम से की जाएगी, ताकि मरीजों को कम समय से में बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके. इसके लिए डॉक्टरों को भी ट्रेंड किया जा रहा है सीनियर डॉक्टरों ने बताया कि इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें मरीजों को बड़ा कट लगाने की जरुरत नहीं होती है, जिससे ब्लड कम निकलता है और संक्रमण का भी खतरा नहीं रहता है. इस तकनीक से बच्चों की हार्ट सर्जरी से लेकर वाल्व बदलने तक जैसी बड़ी सर्जरियां सफल तरीके से की जा सकती है.
इंदौर पहुंचे रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी की तरफ से बताया गया है कि यह मॉडर्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्जरी की यह पहल मेडिकल क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली है. क्योंकि इससे न केवल मरीजों का ऑपरेशन आसान होगा, बल्कि मरीज भी जल्द से जल्द रिकवर करके अस्पताल से डिस्जार्ज हो सकेगा. इसलिए ही इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है, ताकि आने वाले डॉक्टर भी इसे समझ सके. इस वर्कशॉप में आठ प्रकार की रोबोटिक सिस्टम और तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह तकनीक कई तरह की सर्जरी में उपयोगी साबित होगा. इंदौर में ही इस तकनीक से पहली सफल सर्जरी की गई है.







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