कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने दिल्ली में पार्टी के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान इंदिरा भवन की खासियतों को साझा करते हुए इसे लोकतंत्र के मंदिर का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “यह मुख्यालय न केवल कांग्रेस के लिए एक आधुनिक केंद्र होगा, बल्कि यह लोकतंत्र की नींव को भी मजबूत करेगा।” माकन ने बताया कि भारत सरकार ने यह जमीन 19 नवंबर 2007 को आवंटित की थी, जिसका शिलान्यास 2009 में किया गया। 2025 में इस भवन को समापन सह अधिभोग प्रमाणपत्र (Completion cum Occupancy Certificate) प्राप्त हुआ। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी देश के लिए मजबूत विपक्ष का होना आवश्यक है और इंदिरा भवन कांग्रेस की सजग और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका को मजबूती प्रदान करेगा।
अजय माकन ने बताया कि इस पांच मंजिला इमारत में 2,100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां 276 सीटों वाला ऑडिटोरियम, विभिन्न बैठक कक्ष और कई आधुनिक सम्मेलन कक्ष बनाए गए हैं। कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बैठने और संवाद करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए परिसर में 134 पेड़, 8,675 पौधे, और 264 कलाकृतियां एवं चित्र लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह भवन देश की सबसे युवा आबादी की आकांक्षाओं और लोकतंत्र की भावनाओं का प्रतीक है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए यह भवन एक प्रेरणा स्थल होगा, जहां वे अपनी पार्टी के गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति निष्ठा को महसूस कर सकेंगे। इस परियोजना पर कुल 225 करोड़ रुपये की लागत आई है।