छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। अब तक की जानकारी के अनुसार, 31 नक्सली मारे जा चुके हैं, जबकि दो जवान शहीद हो गए हैं। यह मुठभेड़ इंद्रावती टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क के घने जंगलों में हो रही है, जहां डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम को नक्सलियों की भारी मौजूदगी की सूचना मिली थी। इलाके में बड़े पैमाने पर ऑटोमेटिक हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्रियां बरामद की गई हैं। बीजापुर के एसपी ने इस एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी भी तलाशी अभियान जारी है और मृत नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
बस्तर पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ बेहद रणनीतिक थी और सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मजबूत गुट को घेरकर कार्रवाई की। हालांकि, इस संघर्ष में दो बहादुर जवानों ने अपनी शहादत दी, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। घायल जवानों को हेलीकॉप्टर के जरिए रायपुर के अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पूरे इलाके में अभी भी गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह वही इलाका है जहां कुछ दिन पहले भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें 12 नक्सली मारे गए थे।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा बटालियन और सीआरपीएफ की 222वीं बटालियन ने मिलकर कार्रवाई की। यह मुठभेड़ महाराष्ट्र सीमा से सटे जंगलों में चल रही है, जहां नक्सली अपनी रणनीति को अंजाम देते रहे हैं। सुरक्षाबलों के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन अभी भी इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। यह घटना दिखाती है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बल लगातार अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं।







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