रायसेन विधानसभा क्षेत्र में रेत की बढ़ती कीमतों को देखते हुए शनिवार को जनपद पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने खनिज विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और रेत ठेकेदारों के साथ चर्चा कर नई रेत दरों की घोषणा की। बैठक में यह तय किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण करने वाले लाभार्थियों को सरकार द्वारा निर्धारित रॉयल्टी पर मात्र 1,080 रुपये प्रति ट्रॉली रेत उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए प्रति ट्रॉली 2,000 रुपये और निजी निर्माण कार्यों के लिए 3,000 रुपये प्रति ट्रॉली की दर तय की गई है। इस फैसले से आम नागरिकों को राहत मिलेगी, जो महंगी रेत के कारण परेशान थे।
बैठक में राज्यमंत्री पटेल ने रेत ठेकेदारों की गुंडागर्दी पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या जबरन ऊंचे दामों पर रेत बेचने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई ठेकेदार निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत शहपुरा के सरपंच महेंद्र सिंह शिल्पी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने शिकायत की कि पंचायत सचिव और रोजगार सहायक बिना उनकी सलाह के कार्य कर रहे हैं। सरपंच ने सवाल उठाया कि क्या उनकी जाति के कारण उनकी अनदेखी की जा रही है? वहीं, देवेंद्र मोरी ने बीपीएल कार्ड वितरण और अमृत सरोवर परियोजना में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले उठाए, जिससे पंचायतों में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए।
राज्यमंत्री पटेल ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पंचायतों में विकास कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले पांच वर्षों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में 50 लाख रुपये तक के विकास कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने सभी अधिकारियों को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में लिए गए फैसले ग्रामीण जनता को राहत देने वाले साबित होंगे और पंचायतों में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।







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