Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित कमला राजा अस्पताल में देर रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। महिला लेबर यूनिट में एक एयर कंडीशनर के अचानक फटने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आग लगने के कारण पूरे वार्ड में धुआं फैल गया, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराने लगा। इस भयावह घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। अस्पताल प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता से सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
आधी रात को अस्पताल में मची अफरा-तफरी, मरीजों की जान पर संकट
सूत्रों के अनुसार, यह हादसा देर रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच हुआ। गाइनोकॉलजी आईसीयू में एक एयर कंडीशनर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे जोरदार धमाके के साथ आग भड़क उठी। आग लगते ही पूरा वार्ड धुएं से भर गया और वहां भर्ती मरीजों की सांसे अटक गईं। वार्ड में भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं की जान पर संकट गहरा गया। घबराए हुए मरीज और उनके परिजन मदद के लिए चीखने लगे। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन कार्रवाई शुरू की और डॉक्टरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
शीशा तोड़कर बचाई गई जान, दमकल विभाग की तत्परता ने रोकी बड़ी घटना
आग लगने के बाद अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकालने के लिए खिड़कियां और शीशे तोड़ दिए। ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से धुआं बाहर निकाला गया ताकि मरीजों को सांस लेने में तकलीफ न हो। इस बीच, दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। ग्वालियर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी अतिबल सिंह यादव ने बताया कि उन्हें जैसे ही अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली, तुरंत छह दमकल स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
16 मरीज वार्ड में भर्ती, 100 से ज्यादा अस्पताल में थे मौजूद
घटना के समय लेबर वार्ड में 16 मरीज भर्ती थे, जबकि आसपास के वार्डों में 100 से अधिक मरीज थे। अगर समय रहते कार्रवाई न होती, तो यह हादसा विकराल रूप ले सकता था। सभी मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
मरीजों और प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आपबीती
अस्पताल में भर्ती एक मरीज के परिजन ने बताया, “हमारा मरीज आईसीयू में था, अचानक जोर का धमाका हुआ और पूरे वार्ड में धुआं भर गया। लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। हम बाहर सो रहे थे, जब डॉक्टर और नर्सें भागती हुई आईं और मदद के लिए पुकारने लगीं। जैसे ही हमने देखा कि मरीज फंसे हुए हैं, हमने खिड़की के शीशे तोड़कर उन्हें बाहर निकालना शुरू किया।”
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
कमला राजा अस्पताल की सहायक अधीक्षक डॉ. रीता मिश्रा ने कहा, “मुझे एक डॉक्टर ने कॉल कर आग लगने की सूचना दी। हमने तुरंत सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों को बुलाया और मरीजों को बचाने की कार्रवाई शुरू की। स्थिति काफी गंभीर थी, लेकिन सभी मरीजों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।” इस पूरे मामले पर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
क्या अस्पतालों में सुरक्षित हैं मरीज? बढ़ते हादसों पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अक्सर अस्पतालों में आग लगने, उपकरणों में खराबी और लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं? इस घटना के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और मरीजों की जान पर कभी भी खतरा न मंडराए।







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