छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त भूचाल आ चुका है! 5000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का शिकंजा कस चुका है। सुबह-सुबह ईडी ने राज्यभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है।
ईडी की सबसे बड़ी कार्रवाई! 14 ठिकानों पर रेड
ईडी की टीम ने Bhupesh Baghel परिवार के कई ठिकानों समेत अन्य संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम बैंक लॉकर, दस्तावेज, डिजिटल डेटा और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है। इस छापे में 5000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े अहम सबूत हाथ लग सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
Bhupesh Baghel सरकार के दौरान कोयला घोटाला, शराब घोटाला, डीएमएफ फंड में भ्रष्टाचार और महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े कई बड़े घोटालों की चर्चा थी।
इस छापेमारी में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सुराग तलाशे जा रहे हैं।
आर्थिक अनियमितताओं के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के कई राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच हो रही है।
क्या भूपेश बघेल परिवार की मुश्किलें बढ़ेंगी?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ईडी की अगली कार्रवाई में चैतन्य बघेल से पूछताछ हो सकती है।
क्या चैतन्य बघेल को समन जारी किया जाएगा?
क्या बघेल परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच होगी?
क्या ईडी इस मामले में और बड़े नेताओं को घेरेगी?
राजनीति गरमाई, विपक्ष का पलटवार!
जैसे ही ईडी की कार्रवाई शुरू हुई, विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
भाजपा का जवाब – “अगर बघेल निर्दोष हैं, तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं।







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