भारत की चैंपियंस ट्रॉफी टीम के चयन में एक चौंकाने वाला फैसला सामने आया है। जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद, टीम इंडिया ने उनकी जगह हर्षित राणा को चुना, जबकि मोहम्मद सिराज को बाहर कर दिया गया। इस फैसले ने सवाल उठाए हैं कि क्या सेलेक्टर्स ने सही निर्णय लिया है, खासकर तब जब शमी की इंजरी से वापसी हो रही है और वह अपनी लय में नहीं लौट पाए हैं। बुमराह की अनुपस्थिति के बाद, सिराज के अनुभव को देखते हुए उनके चयन से इन्कार करना एक हैरान करने वाला कदम प्रतीत होता है। सिराज ने 44 वनडे मैचों में 71 विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित की है, और उनका पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन रहा है।
वहीं, हर्षित राणा का अनुभव इस मामले में काफी सीमित है। इस साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में डेब्यू करने वाले राणा के पास बाकी टीमों के खिलाफ खेलने का कोई अनुभव नहीं है। उनका अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर बस 2 मैचों का है, जबकि सिराज के पास इस मामले में विशाल अनुभव है। खासकर दुबई में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबलों में, जहां शादर परिस्थितियाँ और दबाव का सामना करना होगा, हर्षित राणा के लिए ये एक बड़ी चुनौती हो सकती है। क्या यह अनुभव की कमी भारतीय टीम के लिए नुकसानदेह साबित होगी, ये देखने वाली बात होगी।
इसके साथ ही, मोहम्मद शमी की लय में कमी भी चिंता का कारण बनी हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शमी ने पहले दो मैचों में बस एक ही विकेट लिया है, जो उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर सवाल उठाता है। शमी का अनुभव जरूर टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जब तक उनके साथ साझेदारी करने के लिए कोई मजबूत सहायक गेंदबाज न हो, तब तक उनके अनुभव का ज्यादा फायदा नहीं होगा। ऐसे में, सिराज का चयन न होना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा दांव हो सकता है।







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