Sunday, March 29, 2026

सड़क हादसों के शिकार लोगों को मिलेगी Cashless Treatment की सुविधा, सरकार March तक लाएगी नई योजना

भारत में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि मार्च 2025 तक देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘कैशलेस इलाज’ की सुविधा लागू की जाएगी। इस योजना के तहत, सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), पुलिस, अस्पताल और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के समन्वय से कार्य किया जाएगा। यह योजना देश की सभी सड़कों पर लागू होगी और इसे एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा, जिसमें सड़क परिवहन मंत्रालय के ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (e-DAR) एप्लिकेशन और NHA की ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम को जोड़ा जाएगा। चंडीगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई इस योजना को सफलतापूर्वक छह अन्य राज्यों तक विस्तारित किया गया था। सरकार अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी कर रही है।

देश में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार कई अहम कदम उठा रही है। नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में वर्तमान में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। इसे दूर करने के लिए सरकार देशभर में नए चालक प्रशिक्षण संस्थानों (DTI) की स्थापना कर रही है। इन संस्थानों के माध्यम से पेशेवर ड्राइवरों को प्रशिक्षित किया जाएगा और उन्हें प्रमाणित लाइसेंस दिए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए वाणिज्यिक वाहन चालकों के काम के घंटे तय करने की भी योजना बना रही है ताकि ड्राइवरों की थकान के कारण होने वाली भीषण सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 6-7 जनवरी, 2025 को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें सड़क परिवहन को सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर चर्चा की गई। इस कार्यशाला में वाहन स्क्रैपिंग नीति को तेजी से लागू करने, पूरे भारत में PUC 2.0 को अपनाने, BS-7 मानकों को लागू करने और प्रदूषण नियंत्रण पर विचार किया गया। सरकार प्रदूषण कम करने के लिए नए नियम लाने पर काम कर रही है, जिससे पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके। साथ ही, स्वचालित प्रशिक्षण स्टेशनों (ATS) को बढ़ावा देने और ड्राइवर प्रशिक्षण संस्थानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की नीति भी बनाई जा रही है। इन सभी योजनाओं का मकसद भारत को सड़क सुरक्षा और परिवहन के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कराना है।

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