Sunday, March 29, 2026

शनि देव को न्याय का अधिकार कैसे प्राप्त हुआ और क्यों वे मोक्ष प्रदाता हैं?

शनि देव को न्याय का देवता और मोक्ष प्रदाता माना जाता है, जिनकी पूजा सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है। वर्तमान में, कुंभ राशि के जातकों पर साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है, जो अगले साल 28 मार्च तक रहेगा। इस अवधि के बाद शनि देव का राशि परिवर्तन होगा, जिससे मकर राशि के जातकों को साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी, जबकि मीन राशि के जातकों पर इसका दूसरा चरण शुरू होगा। शनि देव की पूजा खासतौर पर शनिवार के दिन की जाती है, जो उनके प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शनि देव को न्याय देने का अधिकार कैसे प्राप्त हुआ और क्यों वे मोक्ष प्रदाता कहे जाते हैं?

शास्त्रों के अनुसार, शनि देव का जन्म देवी छाया के गर्भ से हुआ था, जो सूर्य देव की पत्नी थीं। सूर्य देव और देवी छाया के संबंध अच्छे नहीं थे, जिससे शनिदेव और सूर्य देव के बीच का संबंध भी कटु हो गया। देवी छाया महादेव शिव की भक्त थीं, और उनके तप के प्रभाव से शनिदेव श्याम रूप में अवतरित हुए। इस रूप को देख सूर्य देव ने शनिदेव को अपना पुत्र मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण शनिदेव अपने पिता से नाराज हो गए। शनिदेव ने प्रण लिया कि वे ग्रहों में उच्च स्थान प्राप्त करेंगे और इसके लिए उन्होंने भगवान शिव की कठिन तपस्या की। शिव जी ने शनिदेव की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें न्याय करने का अधिकार और मोक्ष देने का वरदान दिया। यही कारण है कि शनि देव को न्याय का देवता और मोक्ष प्रदाता माना जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार पुरस्कृत या दंडित करते हैं, और बुरे कर्मों से मुक्ति दिलाने के लिए आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शनि देव की पूजा से व्यक्ति को जीवन की कष्टों से राहत मिलती है और उसे कर्मफल के अनुसार मोक्ष की प्राप्ति होती है।

- Advertisement -
For You

आपका विचार ?

Live

How is my site?

This poll is for your feedback that matter to us

  • 75% 3 Vote
  • 25% 1 Vote
  • 0%
  • 0%
4 Votes . Left
Via WP Poll & Voting Contest Maker
Latest news
Live Scores