सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने आसाराम को 31 मार्च 2025 तक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बाद भी आसाराम को किसी प्रकार के सबूतों से छेड़छाड़ करने का कोई मौका नहीं मिलेगा। कोर्ट ने अपनी जमानत आदेश में यह भी कहा कि आसाराम को अपने अनुयायियों से मिलने की इजाजत नहीं होगी। इससे यह स्पष्ट है कि जेल से रिहाई के बाद भी वह सार्वजनिक रूप से किसी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेगा। आपको बतादे की आसाराम बापू को 2013 में एक युवती से दुष्कर्म के आरोप में दोषी ठहराया गया था और उसे जोधपुर जेल में बंद किया गया था। इस मामले में आसाराम की जमानत पर उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला दिया है, जो चिकित्सा कारणों पर आधारित है।
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