वाइन केक की बात हो… और जबलपुर का जिक्र ना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए यहां के वाइन केक की डिमांड इतनी है कि एक महीने पहले ऑर्डर करना होता है। अंग्रेजों के जमाने में शुरू हुए इस केक की मांग अब प्रदेश से बाहर देश-विदेश तक से आ रही है। ईंट के आकार में तैयार होने वाला यह केक आज भी 93 साल पहले बनी भट्टी में पकता है। इसकी सबसे खास बात ये है कि यह तीन महीने तक खराब नहीं होता।

गोवा के रहने वाले होरी विक्टर और उनकी पत्नी कैरोलीना विक्टर वाइन केक बनाया करते थे। इनके बनाए केक के अंग्रेजी अफसर दीवाने थे। गोवा से जब ये अंग्रेजी अफसर जबलपुर आए, तो उन्होंने वाइन केक को बहुत मिस किया। उन्होंने होरी विक्टर को जबलुपर आकर रहने के लिए कहा। उनके बुलावे पर साल 1930 में विक्टर पत्नी के साथ कैरोलिना के जबलपुर आ गए। यहां उन्होंने सिविल लाइन में स्थित एक छोटे से कारखाने में वाइन केक को बनाने की शुरुआत की। आजादी के पहले तक विक्टर के हाथों से बना केक अंग्रेजी अफसर चखते रहे। 1947 में देश की आजादी के साथ ही विक्टर ने जबलपुर में इसका बिजनेस के रूप में शुरू कर दिया। इसकी बिक्री वह बाजार में करने लगे। एक पाउंड के केक की कीमत दो रुपए रखी। 76 साल में इसकी कीमत 350 रुपए तक पहुंच गई है। वाइन केक की शुरुआत करने वाले होरी विक्टर का 1995 में देहांत हो गया। हालांकि उनके परिवार ने इस बिजनेस को आगे बढ़ाया।
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एनोस बताते हैं कि वाइन केक बनाने के लिए मशीन का उपयोग नहीं होता है। सब कुछ हाथों से ही तैयार किया जाता है। 1930 में जब पिता जबलपुर आए थे, तब अंग्रेजों ने उन्हें एक छोटी सी झोपड़ी रहने को दी थी। इसी में उन्होंने ईंट की भट्टी बनाई। यह भट्टी आज भी वैसी ही है। उन्होंने बताया कि हमने घर बनवाया, लेकिन भट्टी को डिस्टर्ब नहीं किया। आज भी केक को पूरी तरह से देसी अंदाज के साथ बनाया जाता है। वे कहती हैं कि यह केक तीन महीने तक खराब नहीं होता। इस केक में क्रीम का उपयोग नहीं किया जाता। ईंट के आकार में इसे पैक किया जाता है। इसे काटकर सीधे सर्व किया जाता है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को भी यह वाइन केक बहुत पसंद था। क्रिसमस और न्यू ईयर में होरी विक्टर वाइन केक की इतनी मांग होती है कि 24 घंटे में से 20 घंटे लगातार भट्टी जलती रहती है।
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ऐसा नहीं है कि यहां सिर्फ वाइन केक ही बनता है। होरी विक्टर की बेकरी में सभी का ख्याल रखा जाता है। बेकरी में वलनट, पाइन एप्पल, प्लेन केक भी बनता है। इतना ही नहीं अगर आपको लगता है कि आप अपने स्वाद अनुसार केक का घोल ला सकते हैं, जिसे यहां आपके सामने ही भट्टी में पका कर दिया जााएगा।
12 साल से केक लेने जबलपुर आ रहा हूं
कटनी से वाइन केक लेने आए एलविन जोसफ का कहना है कि वो बीते 12 साल से क्रिसमस और न्यू ईयर में वाइन केक लेने जबलपुर आते हैं। उन्होंने बताया केक तो कई तरह के होते हैं, लेकिन जो स्वाद होरी विक्टर के वाइन केक का है, वो कहीं नहीं मिलता। यही वजह है कि हम हर त्योहार में केक लेने के लिए कटनी से जबलपुर आते हैं। केमिकल और मिलावट रहित
शिरोमणि ने बताया कि इस बेकरी का केक बेस्ट क्वालिटी का है। उनका कहना है कि यहां के केक की सबसे खास बात यह है कि जितने भी केक बनते हैं, वो आपके सामने ही बनेंगे। केक में किसी तरह की मिलावट या फिर केमिकल का उपयोग नहीं होता है।
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