मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। हालांकि पांचों राज्यों के चुनाव महत्वपूर्ण हैं लेकिन मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने जा रहा मतदान विशेष अहमियत रखता है . क्योंकि भाजपा यहां लंबे समय से शासन में है और कांग्रेस उसके सामने गंभीर चुनौती पेश कर रही है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की अगुआई में पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता संगठित होकर मैदान में डटे हैं. उनका कहना है कि उनका संगठन बूथ स्तर तक तैयार है. चुनाव में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आदिवासी-महिलाओं का उत्पीड़न, किसान और कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति प्रमुख मुद्दे हैं.
प्रदेश में हर वर्ग परेशान है. शिवराज सरकार में केवल घोषणाएं हुईं हैं जो तस्वीर दिखाई जा रही है वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग है और यह जनता देख और समझ रही है. यह चुनाव जनता ही लड़ रही है. यह हम जन आक्रोश यात्रा में देख चुके हैं. विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और मध्य प्रदेश की जनता पूरी तरह से तैयार है.